सोवियत संघ (USSR) का विघटन: कारण, प्रभाव और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
प्रस्तावना: 1991 में सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ (USSR) का पतन आधुनिक विश्व इतिहास की सबसे परिवर्तनकारी घटनाओं में से एक है। इसकी पृष्ठभूमि और इसके बाद होने वाली "शॉक थेरेपी" को समझना UPSC (Mains GS-I), SSC और रक्षा परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आवश्यक है, विशेष रूप से आधुनिक भू-राजनीति और रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में।
पृष्ठभूमि: USSR का उदय और प्रकृति
सोवियत संघ का गठन 1917 की रूसी क्रांति के बाद 1922 में हुआ था। यह 15 गणराज्यों का एक संघ था, जिसमें रूस सबसे प्रभावशाली था। दशकों तक, यह शीत युद्ध के दौरान पूंजीवादी संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रत्यक्ष विरोध में एक समाजवादी महाशक्ति के रूप में खड़ा रहा।
- विचारधारा: मार्क्सवाद-लेनिनवाद पर आधारित; केंद्रीकृत राज्य नियंत्रण।
- राजनीतिक व्यवस्था: एक-दलीय शासन (कम्युनिस्ट पार्टी)।
- अर्थव्यवस्था: योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था जहां उत्पादन के सभी साधनों पर राज्य का नियंत्रण था।
विघटन के प्रमुख कारण
विघटन कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि गहरे जड़ जमा चुकी समस्याओं का परिणाम था:
- आर्थिक गतिरोध: हथियारों की दौड़ और अंतरिक्ष की दौड़ पर भारी खर्च ने घरेलू अर्थव्यवस्था को जर्जर कर दिया।
- गोरबाचेव के सुधार: मिखाइल गोरबाचेव ने दो प्रमुख नीतियां पेश कीं—ग्लासनोस्त (खुलापन) और पेरेस्त्रोइका (पुनर्गठन)—जिन्होंने अनजाने में असंतोष की अनुमति देकर पतन की गति तेज कर दी।
- राष्ट्रवाद का उदय: बाल्टिक राज्यों (एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया), यूक्रेन और जॉर्जिया जैसे गणराज्यों ने संप्रभुता की मांग की।
- राजनीतिक भ्रष्टाचार: कम्युनिस्ट पार्टी की नौकरशाही प्रकृति के कारण व्यापक अक्षमता और जनता के विश्वास में कमी आई।
अंतिम पतन (1991)
दिसंबर 1991 में, रूस, यूक्रेन और बेलारूस के नेताओं ने बेलावेज़ा समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें घोषणा की गई कि सोवियत संघ अब अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (CIS) का गठन किया।
- 25 दिसंबर, 1991: मिखाइल गोरबाचेव ने USSR के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।
- लाल झंडा: सोवियत हथौड़े और दरांती वाले झंडे को आखिरी बार क्रेमलिन से नीचे उतारा गया।
- उत्तराधिकारी राज्य: रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में USSR की सीट संभाली।
स्टैटिक GK: परीक्षाओं के लिए त्वरित तथ्य
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| USSR गठन वर्ष | 1922 |
| आधिकारिक विघटन तिथि | 26 दिसंबर, 1991 |
| USSR के अंतिम नेता | मिखाइल गोरबाचेव |
| USSR में कुल गणराज्य | 15 गणराज्य |
| शीत युद्ध का प्रतीकात्मक अंत | बर्लिन की दीवार का गिरना (1989) |
| आर्थिक संक्रमण शब्द | शॉक थेरेपी |
आधुनिक भू-राजनीति पर प्रभाव (2025 का संदर्भ)
विघटन के कारण द्विध्रुवीय दुनिया का अंत हुआ और अमेरिका एकमात्र महाशक्ति के रूप में उभरा। हालांकि, इस पतन का "अधूरा काम" आज रूस-यूक्रेन युद्ध और काकेशस में तनाव में स्पष्ट दिखाई देता है। उम्मीदवारों को यह नोट करना चाहिए कि नाटो (NATO) का पूर्व की ओर विस्तार (पूर्व सोवियत क्षेत्रों में) वर्तमान अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक फ्लैशपॉइंट बना हुआ है।
